रायपुर। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले की आदिवासी बेटी मनीषा गोंड पर एफआईआर दर्ज कराना निंदनीय और लोकतंत्र के खिलाफ है।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अडानी समूह द्वारा छत्तीसगढ़ में लगातार जंगलों के विनाश और आदिवासी हितों के खिलाफ हो रहे कार्यों के विरोध में आवाज उठाने पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जिस वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है, वह प्रदेश के मुख्यमंत्री के ही भाषण का अंश है, इसके बावजूद एक आदिवासी युवती को निशाना बनाया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ विरोधी राजनीति का हिस्सा है, जिसमें आदिवासी समाज को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे षड्यंत्रों से छत्तीसगढ़ की जनता डरने वाली नहीं है।
भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार से अपील करते हुए कहा कि आदिवासियों को डराना और धमकाना बंद किया जाए, और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की आवाज को एफआईआर के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, वहीं आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी एफआईआर को वापस लेने की मांग की है।

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