आमिर खान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट यूं ही नहीं कहा जाता है. वह जो भी काम करते हैं, उसे बहुत ही सधे हुए अंदाज में खत्म करते हैं. यही वजह है कि उनकी फिल्में दुनियाभर में करोड़ों की कमाई करती हैं. हाल ही में आमिर खान जब रेड सी फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे तो उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शुरुआती झिझक के बारे में बात की.
आमिर खान ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका रास्ता ज्यादातर कॉन्फिडेंस की बजाय चांस पर चलता है. आमिर ने यह भी बताया कि वह शुरुआत में ‘लगान’ को प्रोड्यूस नहीं करना चाहते थे, क्योंकि बतौर प्रोड्यूसर उन्होंने अपने पिता को बहुत कठिनाई का सामना करते हुए देखा है.
‘लगान’ को प्रोड्यूस क्यों नहीं करना चाहते थे आमिर
आमिर खान ने कहा कि फिल्में प्रोड्यूस करना चांस लेने की तरह है. इसलिए मूवीज प्रोड्यूस करना उनके लिए बहुत कठिन था. उन्होंने फिल्मों के प्रोडक्शन पर जोर डालते हुए कहा कि मामूली सी गलतियां भी पूरी फिल्म को खतरे में डाल सकती हैं. आमिर ने कहा, मैंने अपने पिता स्वर्गीय ताहिर हुसैन को फिल्में प्रोड्यूस करते हुए देखा है. उन्होंने इस दौरान बहुत तकलीफ का सामना किया है. मैंने अपने पिता को नरक से गुजरते हुए देखा है.
‘लगान’ बनाने से पहले 18 महीने तक किया विचार
मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने बताया कि आखिरकार 18 महीने तक विचार करने के बाद और जोखिम उठाने के बाद उन्होंने निर्माता के रूप में अपनी शुरुआत की और ‘लगान’ को प्रोड्यूस करने का फैसला किया. उनका ये फैसला करियर में बहुत महत्वपूर्णं साबित हुआ. ‘लगान’ साल 2001 में न केवल भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भेजी गई, बल्कि द लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में भी गई. आमिर खान ने बेहतरीन फिल्में बनाने की प्रेरणा के लिए दूसरे फिल्म निर्माताओं को भी इसका श्रेय दिया. उन्होंने फिल्म डायरेक्टर्स की जमकर तारीफ की.

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