केंद्र सरकार ने छात्रों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। ‘प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना’ के तहत, बिना गारंटी के 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस योजना का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है, जिनकी पारिवारिक आय सालाना 8 लाख रुपये से कम है।
यह योजना हर साल 1 लाख छात्रों को 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन प्रदान करेगी।
सरकार इस योजना पर 3 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी देगी, जिससे छात्रों को लोन लेने में राहत मिलेगी।
छात्र को एक मान्यता प्राप्त हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना होगा, जिसकी NIRF रैंकिंग ऑल इंडिया में 100 और स्टेट में 200 या इसके भीतर हो।
छात्र की पारिवारिक आय सालाना 8 लाख रुपये या इससे कम होनी चाहिए।
7.5 लाख रुपये तक के लोन के लिए भारत सरकार 75% क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी।
आवेदन की प्रक्रिया:
छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे वे अपनी आवश्यकता के अनुसार लोन के लिए आवेदन कर सकें। आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए, डिजीलॉकर जैसे माध्यमों का उपयोग करके वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके लिए उम्मीदवार विद्यालक्ष्मी पोर्टल [https://www.vidyalakshmi.co.in/](https://www.vidyalakshmi.co.in/) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना देश के 860 प्रमुख हायर इंस्टीट्यूशन्स के 22 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित करने का अवसर प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना न केवल उच्च शिक्षा के दरवाजे खोलेगी, बल्कि छात्रों के भविष्य को संवारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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