रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को बताना चाहिये प्रदेश के 13 लाख से अधिक विद्यार्थी बिना पढ़े बिना परीक्षा दिए पास कैसे हो गये?शिक्षा में नए पाठ्यक्रम जोड़े गए तो क्या पुस्तक छाप देने से बच्चे गुणवान हो जायेंगे? कला, व्यवसायिक, शारीरिक शिक्षा की पढ़ाई कराने शिक्षको की भर्ती क्यो नही की गई?ये प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है उन मातापिता के साथ धोखा है अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने भेजकर उनकी उज्ज्वल भविष्य की सपने सँजोये है? शिक्षा विभाग की इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है?
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्कुल शिक्षा व्यवस्था की बेड़ागर्ग कर दिया है। भाजपा सरकार को जेन अल्फा का खौफ इतना है कि वही नहीं चाहती की छत्तीसगढ़ के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसीलिये प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने में तुली है भाजपा सरकार। समय पर पुस्तक नही मिलता पर्याय शिक्षक नही है विषय विशेषज्ञ शिक्षको की कमी है अब शिक्षा विभाग अपनी नाकामी छिपाने जो 13 लाख से अधिक बच्चों के मार्कशीट में बिना परीक्षा दिए ग्रेड जोड़ दिया है ये बच्चों के भविष्य को खराब किया है। ये घटनाएं 2024-25, 2025-26 में हुई है सरकार आखिर गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से क्यो वंचित कर रही है।
उन्होने कहा कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला है। जब परीक्षा ही नहीं हुई तो विद्यार्थियों को अंक किस आधार पर दिए गए? किसके निर्देश पर मार्कशीट में नंबर चढ़ाए गए? क्या शिक्षा विभाग में बच्चों के भविष्य से जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड को मनमाने ढंग से तैयार किया जा रहा है? ये कोई एक स्कूल का मामला नही है रायपुर, बस्तर, राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी सहित सभी जिलों में इस प्रकार से नंबर बढ़ाकर मार्कशीट दिए गए है इसकी जांच की जाये जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो। सरकार सुनिश्चित करे पाठ्यक्रम में जोड़े गए नए विषयो की पढ़ाई हो।

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