कांग्रेस ने सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की उठाई मांग, पिछली खरीदी की समस्याओं को लेकर सरकार पर साधा निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी की तारीख घोषित करने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की मांग की है। कांग्रेस ने धान का मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर इसी दर से भुगतान की घोषणा करने की भी मांग उठाई है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 1 नवंबर तक किसानों का धान खेतों से खलिहानों में आकर बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। ऐसे में धान खरीदी दीपावली से पहले शुरू की जानी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खरीदी की तारीख घोषित नहीं होने से किसानों के बीच चिंता बनी हुई है।
धान खरीदी में देरी को लेकर सरकार पर आरोप
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद राज्योत्सव के अवसर पर धान खरीदी शुरू करने की परंपरा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार पिछले दो वर्षों से खरीदी की शुरुआत में देरी कर रही है। पार्टी ने आशंका जताई है कि इस वर्ष भी खरीदी देर से शुरू होने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार समय रहते खरीदी की तारीख घोषित करे और सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करे, ताकि कोई भी किसान प्रक्रिया संबंधी बाधाओं के कारण अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए।
3,358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की मांग
कांग्रेस ने धान के मूल्य को लेकर भी अपनी मांग रखी है। सुशील आनंद शुक्ला के अनुसार, वर्ष 2023 में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान का वादा किया गया था। उन्होंने पिछले वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए कुल 3,358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की मांग की।
कांग्रेस का तर्क है कि वर्ष 2024-25 में एमएसपी में 117 रुपये, वर्ष 2025-26 में 69 रुपये और चालू वर्ष में 72 रुपये की वृद्धि को जोड़ने पर कुल 258 रुपये की बढ़ोतरी होती है। इस आधार पर पार्टी 3,100 रुपये में 258 रुपये जोड़कर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की मांग कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
पिछले सीजन की समस्याएं दोबारा नहीं हों
कांग्रेस ने पिछले खरीफ सीजन में धान बेचने के दौरान किसानों को कथित तौर पर हुई परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी के अनुसार, टोकन प्राप्त करने, बारदाने की उपलब्धता, धान के उठाव, गिरदावरी और रकबा सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं में समस्याओं के कारण अनेक किसान प्रभावित हुए थे।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे किसानों को खरीदी केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी उपज समय पर खरीदी जा सके। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली खरीदी के दौरान कुछ किसानों को गंभीर मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस की चार प्रमुख मांगें
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करना, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदना, 3,358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की घोषणा करना और सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करना शामिल है।
कांग्रेस का कहना है कि धान खरीदी केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सरकार को खरीदी की तारीख, पंजीयन और भुगतान की दर को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसान समय पर अपनी फसल बेचने की तैयारी कर सकें।
फिलहाल, धान खरीदी की तारीख और कांग्रेस की ओर से मांगी गई दर पर राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा या प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

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