September 25, 2026

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समस्या समाधान में तकनीकी कौशल महत्वपूर्ण : डॉ. स्मिता सेलट

समस्या समाधान में तकनीकी कौशल महत्वपूर्ण : डॉ. स्मिता सेलट

       भिलाई। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 में भागीदारी के लिए श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, में दो दिवसीय आंतरिक हैकाथॉन का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के 900 से अधिक विद्यार्थियों ने 160 टीमों के माध्यम से भाग लेकर विभिन्न समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।

       हैकाथॉन में विद्यार्थियों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, स्मार्ट शिक्षा, साइबर सुरक्षा, संस्कृति एवं विरासत सहित विभिन्न विषयों पर अपने नवाचारपूर्ण विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

       विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ स्मिता सेलट ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, समस्या समाधान, टीम भावना तथा तकनीकी समाधान विकसित करने की क्षमता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है।

       आंतरिक हैकाथॉन में प्रस्तुत विभिन्न प्रोजेक्ट का विशेषज्ञों की टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया। हैकाथॉन समन्वयक प्रो. सिंपल कावड़े ने बताया कि मूल्यांकन के आधार पर 95 उत्कृष्ट टीमों का चयन स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए नामांकन हेतु किया गया है। वहीं 5 टीमों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

       कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ सोनू अग्रवाल ने बताया कि विद्यार्थियों के उत्साह, रचनात्मकता और तकनीकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, ऐसे मंच विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता, टीम भावना की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि हैकाथॉन में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी उनके तकनीकी कौशल, रचनात्मक सोच और नवाचार के प्रतिबढ़ती रुचि को दर्शाती है।आयोजन में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्राध्यापकों ने सक्रिय सहयोग दिया।