July 27, 2026

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CJP आंदोलन से जुड़े मामलों में FIR वापसी का आधिकारिक आदेश अभी नहीं मिला: दिल्ली पुलिस

CJP आंदोलन से जुड़े मामलों में FIR वापसी का आधिकारिक आदेश अभी नहीं मिला: दिल्ली पुलिस

       नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने को लेकर नया मोड़ सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसे अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया फिलहाल शुरू नहीं की जा सकती।

       दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, केवल मौखिक आश्वासन या राजनीतिक घोषणा के आधार पर एफआईआर वापस नहीं ली जा सकती। इसके लिए सरकार का औपचारिक आदेश आवश्यक है। आदेश प्राप्त होने के बाद पुलिस अपनी अभियोजन शाखा के माध्यम से निर्धारित कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी और अदालत की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा।

       उधर, Cockroach Janta Party (CJP) ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान किए गए वादों को समय पर पूरा नहीं किया गया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई थी, जिसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया था।

       CJP का दावा है कि सरकार की ओर से मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। संगठन ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने सहित अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाएगा।

       पुलिस सूत्रों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले की वापसी एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है। इसमें सरकार की स्वीकृति, अभियोजन शाखा की अनुशंसा तथा आवश्यक होने पर उपराज्यपाल (LG) और संबंधित अदालत की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए केवल राजनीतिक सहमति से मामले स्वतः समाप्त नहीं हो सकते।

       फिलहाल स्थिति यह है कि सरकार की ओर से सहमति और पुलिस के पास औपचारिक आदेश के अभाव के बीच मामला अटका हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कब आधिकारिक निर्देश जारी करती है और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है।