भिलाई। आज एक पत्रकार वार्ता में धर्मेन्द्र मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष,किसान प्रकोष्ठ,लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश को धान का कटोरा” कहा जाता है, किंतु अत्यंत दुख पवं चिंता का विषय है कि धान के कटोरे के नाम से प्रसिद्ध हमारा छत्तीसगढ़ आज किसानों की बदहाल स्थिति का सामना कर रहा है।यहां की अधिकांश जनता प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पवं कृषि से जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। कृषि यहां केवस जीविकोपार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और विरासत है।
कृषि के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद आज कृषि योग्य भूमि का उपयोग रिहायशी एवं अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए तेजी से किया जा रहा है। यह स्थिति प्रदेश की कृषि व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। छोटे एवं गरीब किसान कृषि कार्य को छोड़कर छोटे उद्योगों एवं मजदूरी की ओर बढ़ रहे हैं तथा शहरों की ओर उनका पलायन लगातार जारी है।
अतः लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) किसान प्रकोष्ठ केंद्र एवं राज्य शासन से मांग करता है कि किसानों की वर्तमान दुर्दशा पर गंभीर चिंतन-मंथन किया जाए तथा राज्य सरकार ऐसी नौतियां बनाए जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, पर्याप्त सुविधाएं एवं शासन स्तर पर हर संभव सहायता प्राप्त हो सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों की समस्याओं एवं मांर्गा के संबंध में निम्न बिंदुओं का अति शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है-
- प्रदेश की समितियों एवं खुले बाजार में डीएपी, यूरिया तथा अन्य सभी प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाए।
- किसानों को खाद संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि सीजन प्रारंभ होने से पूर्व ही पर्याप्त मात्रा में बाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- जिन किसानों के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उन्हें खाद दो किस्तों के स्थान पर एकमुश्त (एक ही किस्त) में प्रदान किया जाए, ताकि खेती कार्य समय पर एवं सुचारु रूप से हो सके।
- डीएपी जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक का वर्तमान में प्रति एकड़ केवल 25 किलो वितरण किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर पूर्व व्यवस्था के अनुसार प्रति एकड़ एक बोरी उपलब्ध कराई जाए।
- प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक किसान तक पहुंचे, इसके लिए विशेष अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- किसानों को खाद वितरण प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानियों एवं विलंब से बचाने हेतु सरल, पारदर्शी,व्यवस्थित वितरण व्यवस्था लागू की जाए।
- सहकारी समितियों में खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए किसानों को समय पर उचित खाद उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए एवं कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिएI उन्होंने कहा 15 जुलाई तक मांगो का निराकरण नहीं होने पर लोजपा जिले एवं प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जायेगाकरेगीIउन्होंने बताया ब्लाक स्तर एवं बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओ को सक्रिय किया जा रहा हैIआगे आने वाले समय में विधान सभा एवं निकाय चुनाव में लोजपा अपने प्रत्याशी खड़ा करेगीIपत्रकार वार्ता में उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष शरद पाण्डेय,अध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ रंजीत कुमार,पूर्व प्रदेश सचिव मुकेश वर्मा,राष्ट्रीय सचिव प्रकाश काम्बले,प्रदेश सचिव अली अहमद,प्रदेश सचिव सुधीर साहू आदि उपस्थित थेI

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