रायपुर। जग्गी हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है, जहां अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने 23 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें 2003 के रामावतार जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस आदेश के बाद न केवल उनकी सजा पर फिलहाल विराम लग गया है, बल्कि उन्हें तत्काल सरेंडर करने से भी राहत मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसी CBI को नोटिस जारी किया है और विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला अंतिम नहीं, बल्कि अंतरिम है, और मामले की अगली सुनवाई में सभी पहलुओं पर गहराई से विचार किया जाएगा। अब यह केस फिर से न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ गया है, जहां यह तय होगा कि हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा या सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर इसमें बदलाव किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों में नई हलचल पैदा कर दी है।

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