April 13, 2026

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VHP-बजरंग दल ने निगम कार्यालय का घेराव कर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया

VHP-बजरंग दल ने निगम कार्यालय का घेराव कर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया

       भिलाई/दुर्ग। शहर में उस वक्त माहौल गरमा गया जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्य कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। आयुक्त, महापौर और जोन कमिश्नर के खिलाफ निलंबन और FIR की मांग को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता घंटों तक नारेबाजी करते रहे।

       इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला मंत्री राकेश रामलोचन तिवारी, सह मंत्री जीवेश उपाध्याय सहित संगठन के कई पदाधिकारियों ने किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी रही।

क्या है पूरा मामला?

       कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 2 अप्रैल (हनुमान जन्मोत्सव) के दिन नेहरू नगर स्थित एक गार्डन में रखी गई भगवान हनुमान की प्रतिमा के पास निगम अमले द्वारा सब्बल और कुदाल चलाया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि:

  • शहर में कई जगह अवैध निर्माण मौजूद हैं
  • लेकिन निगम केवल चुनिंदा स्थानों पर कार्रवाई करता है
  • धार्मिक स्थलों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है

संगठन की चेतावनी

       जिला सह मंत्री जीवेश उपाध्याय ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा:

“अगर 15 दिनों के भीतर हमारी पांच सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और भिलाई में चक्काजाम किया जाएगा।”

कार्यकर्ताओं ने निगम अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि:

  • यदि शहर में कहीं भी धार्मिक अतिक्रमण नहीं है, तो उसका प्रमाण सार्वजनिक करें
  • अन्यथा सभी मामलों में समान कार्रवाई की जाए

प्रशासन का आश्वासन

       घंटों चले हंगामे के बाद एसडीएम ने हस्तक्षेप करते हुए 15 दिनों के भीतर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

माहौल पर असर

इस पूरे घटनाक्रम के बाद:

  • शहर में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया है
  • प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है
  • आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है

       निगम की कार्रवाई को लेकर उठे इस विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। 15 दिन बाद क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं—क्योंकि यही तय करेगा कि मामला शांत होगा या सड़कों पर और बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा।