महंगा होगा इंटरनेट? 1GB डेटा पर टैक्स की चर्चा से बढ़ी हलचल
नई दिल्ली। देश में इंटरनेट यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर चर्चा में है—क्या अब हर 1GB मोबाइल डेटा इस्तेमाल पर अलग से टैक्स देना पड़ेगा? इस प्रस्ताव को लेकर सोशल मीडिया से लेकर टेक इंडस्ट्री तक बहस तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, Department of Telecommunications (DoT) मोबाइल डेटा उपयोग पर प्रति 1GB ₹1 टैक्स लगाने के विकल्प का अध्ययन कर रहा है। इसके लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो सितंबर 2026 तक सामने आ सकती है।
अनुमान है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सरकार को हर साल करीब ₹22,000 करोड़ से ज्यादा राजस्व मिल सकता है, क्योंकि देश में डेटा खपत तेजी से बढ़ रही है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव और अध्ययन के स्तर पर है।
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कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
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अभी यूजर्स अपने मोबाइल रिचार्ज पर 18% GST पहले से दे रहे हैं।
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नया टैक्स लागू हुआ तो यह अतिरिक्त बोझ होगा।
क्या होगा असर?
अगर यह नियम लागू होता है, तो इसका सीधा असर आम यूजर्स की जेब पर पड़ सकता है—
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डेटा प्लान महंगे हो सकते हैं
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ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों पर ज्यादा असर पड़ेगा
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डिजिटल सेवाओं (OTT, ऑनलाइन क्लास, गेमिंग) की लागत बढ़ सकती है
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डिजिटल इंडिया मिशन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, वहीं सरकार का तर्क राजस्व बढ़ाने और डेटा के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने का बताया जा रहा है।
क्या ब्रॉडबैंड और फाइबर पर भी लगेगा टैक्स?
अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक यह प्रस्ताव मुख्य रूप से मोबाइल डेटा पर केंद्रित है।
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फाइबर/ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर पहले से ही 18% GST लागू है
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नए टैक्स को इन सेवाओं पर लागू करने को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है
कुल मिलाकर, फिलहाल यह खबर चर्चा और संभावना के स्तर पर है। अंतिम फैसला आने के बाद ही यह तय होगा कि इंटरनेट यूजर्स को वास्तव में अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा या नहीं।

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