अहिवारा। अहिवारा नगर पालिका ने भिलाई इस्पात संयंत्र की नंदिनी खदान से भिलाई-3 तक प्रस्तावित रेलवे लाइन के विद्युतीकरण कार्य पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान विद्युत पोल, वायरिंग सामग्री सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए।
पालिका टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि रेलवे लाइन के किनारे विद्युत पोल गाड़ने, वायर बिछाने और संरचनात्मक कार्य बिना आवश्यक अनुमति के किए जा रहे थे। शहरी सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण या विद्युत कार्य के लिए स्थानीय निकाय से पूर्व अनुमति अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान एजेंसी द्वारा कोई वैध अनुमति दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि यह कार्य जेके लक्ष्मी सीमेंट से जुड़ी एजेंसी द्वारा कराया जा रहा था। हालांकि कंपनी या संबंधित ठेकेदार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। कंपनी पक्ष का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
सीएमओ अंकुर पांडे का बयान
नगर पालिका के सीएमओ श्री अंकुर पांडे ने स्पष्ट किया कि नगर सीमा के भीतर कोई भी संस्था या कंपनी नियमों के अनुसार अनुमति लेकर ही निर्माण या विद्युत कार्य कर सकती है, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो जुर्माना लगाने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
क्षेत्र में मची हलचल
कार्रवाई की सूचना फैलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों ने इसे प्रशासन की सख्ती और नियमों के पालन की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में समन्वय की कमी से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।
बीएसपी नंदिनी खदान के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष और कंपनी के आधिकारिक पक्ष पर टिकी है।
यह पूरा मामला औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय निकाय की भूमिका, अनुमति प्रक्रिया और समन्वय व्यवस्था को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

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