दुर्ग। प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रथम नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय सर्किट हाउस में पुलिस के जवानों द्वारा सलामी दी गई। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ एवं पुष्प माला से भव्य स्वागत किया गया। यहां पर आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी कैबिनेट मंत्री यादव जी का स्वागत एवं सम्मान किया। प्रथम नगर आगमन एवं नगर भ्रमण के दौरान नगरवासियों ने भी आत्मीय स्वागत किये।
दुर्ग। कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग के वैज्ञानिकों ने धान के खेतों का भ्रमण किया तो यह पाया कि धान में काई की समस्या बहुतायत में बढ़ रही है। काई धान की खेती में आने वाली एक प्रमुख समस्या है, जिसके निदान हेतु प्रायः किसान भाई कोई उपाय नहीं करतें फलस्वरूप उपज में कमी आ जाती है। पानी भरे खेत में कंसे निकलने से पहले ही काई का जाल फैल जाता है, जिससे धान के पौधे तिरछे हो जाते है। पौधे में कंसे नही निकल पाते है एक से दो ही कंसे रह जाते है जिससे बालियों की संख्या कम बनती है और अंत में उत्पादन में कमी आ जाती है। सतह पर काई फैल जाने से धान में डाले जाने वाली उर्वरक की मात्रा जमीन तक नहीं पहुंच पाती, जिससे पौधे में पोषक तत्व की कमी के साथ-साथ डाले गए उर्वरक की भी हानि होती है।
काई का समाधान –
नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) की 500-600 ग्राम मात्रा को अच्छे से पीस कर सूती कपड़े की पोटली बनाकर 5-6 स्थानों पर सामान दूरी में खेत में भरे पानी में रख दें जिससे काई की पर्त फट जाती है। इस प्रकार काई पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

More Stories
प्रधानमंत्री मोदी का बस्तर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया भव्य स्वागत
स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
रोहित गुप्ता ने अपनाई सौर ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने ‘विष्णु की पाती’ से भेजा संदेश