लंदन । इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज माइकल एथरटन भी भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के प्रशंसक बन गये हैं। एथरटन ने कहा कि मैं खुशकिस्मत हूं क्योंकि बुमराह उस समय नहीं थे। बूमराह बॉर्डर गावस्कर सीरीज में 32 विकेट लेने के कारण प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। एथरटन ने पूर्व कप्तान नासिर हुसैन से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात से कितनी राहत मिली है कि उनके खेल करियर के दौरान बुमराह क्रिकेट जगत का हिस्सा नहीं थे। एथरटन को अपने करियर में सबसे अधिक 23 बार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने अपना शिकार बनाया था।
एथरटन ने जवाब दिया, मुझे खुशी है कि बुमराह मेरे समय में नहीं था। उसका सामना करना एक बुरे सपने जैसा लगता है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अपरंपरागत एक्शन वाले गेंदबाजों का सामना हमेशा कठिन रहा है। जब मैंने एलन डोनाल्ड और ब्रेट ली जैसे गेंदबाजों का सामना किया, तो उनके पास सुंदर गेंदबाजी एक्शन थे। मैं गेंद को स्पष्ट रूप से देख सकता था और उसके अनुसार अपनी प्रतिक्रियाएं दे सकता था पर बुमराह की गेंदबाजी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जब आप बुमराह को देखते हैं, तो गेंद समझना एक वास्तविक चुनौती बन जाती है। अधिकांश आधुनिक बल्लेबाज गेंद फेंकने से पहले ट्रिगर मूवमेंट का उपयोग करते हैं पर बुमराह ऐसा नहीं करते हैं। गेंद को बल्लेबाज के करीब छोड़ने की उनकी क्षमता, कलाई के विशिष्ट स्नैप और कोहनी के हाइपरएक्सटेंशन की विशेषता, उन्हें सामना करने के लिए एक मुश्किल गेंदबाज बनाती है।

More Stories
जहाँ कभी अंधेरा था, वहाँ अब उम्मीद की रोशनी है: नारायणपुर की नई कहानी
अधिवक्ता और न्यायाधीश मिलकर न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बनाए रखें: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नारी शक्ति से बदल रही बस्तर की तस्वीर, आत्मविश्वास और नेतृत्व की नई पहचान