नई दिल्ली। लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दूसरे दिन डीएमके सांसद ए. राजा के बयान पर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने सत्ता पक्ष एनडीए के नेताओं को ‘खराब तत्व’ कहा, इस पर बीजेपी के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर कर हंगामा किया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सवाल उठाकर कहा कि वे हमें ‘खराब तत्व’ कैसे कह सकते हैं?”
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ए. राजा से उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की। कार्यवाहक अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने कहा कि इस टिप्पणी को हटा दिया गया है।
डीएमके सांसद राजा ने कहा कि दो-राष्ट्र सिद्धांत की शुरुआत 1947 में मुहम्मद अली जिन्ना ने नहीं, बल्कि हिंदुत्व के आइकॉन वीर सावरकर ने 1924 में की थी। उनके बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि, “संविधान के निर्माण में आरएसएस का क्या योगदान है?” डीएमके नेता राजा ने बीजेपी नेताओं पर संविधान में बदलाव की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
उनके इन बयानों पर एनडीए नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देकर माफी की मांग की। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि चुनाव से पहले भी कहा गया था कि अगर बीजेपी को 400 सीटें मिलती हैं, तब वे संविधान में बदलाव करने और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने वाले है। वह अपनी बात को प्रमाणित करें। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

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